Wednesday , 15 August 2018

शैक्षिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ की स्थापना से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास

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देहरादून-  सूबे के सरकारी स्कूलों में तालीम की सेहत दुरुस्त हो सके इसके लिए राज्य में नई कवायद शुरू की गई है।
इसके तहत राज्य शैक्षिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ की स्थापना करते हुए एक कार्ययोजना तैयार की गई है।
नई कवायद के तहत सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गतिविधियों को दुरुस्त करने के लिए बनाए गए शैक्षिक प्रकोष्ठ की गुणवत्ता और कार्ययोजना की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सूबे के सभी जिलाधिकारियों को राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दी है।
नई कसरत के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों मे दर्जा एक से लेकर दर्जा 12वीं तक की शैक्षिक गतिविधियों को सुधारने के लिए फिलहाल 6 बिंदुओं पर अमल किया जाएगा। इसमें सुधार औ सुझाव की पूरी गुंजाइश रखी गई है।
बहरहाल अब सरकारी स्कूलों मे हर महीने मासिक परीक्षाओं होंगी जबकि महीने के आखिरी शनिवार के दिन अभिभावकों की मीटिंग होगी।
मासिक परीक्षा और उसके आकलन पर जहां मुख्यमंत्री डेशबोर्ड के जरिए सीएम और शिक्षा सचिव की नजर रहेगी। वहीं मासिक परीक्षा के जरिए सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रधानाचार्य को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं नई कवायद के तहत अब स्कूलों में छात्र-छात्राओं की सभी शंकाओं का समाधान भी किया जाएगा। इसके लिए महीने का हर शनिवार तय किया गया है।
शनिवार के दिन अब सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राएं शिक्षकों से अपनी पढ़ाई से संबधित दिक्कत परेशानियों को शेयर करेंगे जिस पर अध्यापक विषय वार उनकी शैक्षिक परेशानियों को दूर करने के लिए बेहतरीन सलाह देंगे।  वहीं दर्जा 11वीं और 12 के छात्रों को Scert के जरिए कैरियर बनाने में मदद की जाएगी इसके लिए  बाल सखा पोर्टल की मदद भी ली जाएगी।
माना जा रहा है कि इन सभी गतिविधियों से एक बार फिर से राज्य में सरकारी शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और स्कूलों में पढ़ने वालों की तादाद में इजाफा होगा।

 

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