Wednesday , 15 August 2018

ट्रांसपोर्टर की आत्महत्या के बाद, उत्तराखण्ड में आई आत्महत्या की धमकी देने वालों की ‘सुनामी’

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देहरादून- प्रदेश में आत्महत्या करने की धमकी देने वालों की बाढ़ आ गई है। जिसके पीछे की वजह भाजपा सरकार के लिए परेशानी की वजह बन गई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय पर ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के जहर खाकर पहुंचकर पहुंचने की घटना के बाद धमकी देने वालों की संख्या बढ़ गई है। वन विभाग द्वारा गांव का रास्ता बंद किए जाने से नाराज पौड़ी युवक ने आत्महत्या की धमकी दी है।

युवक बुधवार को देहरादून पहुंच गया था। सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई थी। बाद में युवक ने विधानसभा में वन मंत्री से हरक सिंह रावत से मुलाकात की। हरक के समझाने-बुझाने के बाद युवक वापस लौट गया।

बता दें कि इससे पहले रामनगर के एक ट्रांसपोर्टर संजय बिष्ट भी आत्मदाह करने मुख्यमंत्री आवास जा रहे थे। जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वह आत्मदाह करने नहीं बल्कि घूमने जा रहे थे।

 

पौड़ी जनपद के बीरोखाल निवास अजय भदोला का आरोप है कि  2004 से वन विभाग बार-बार खड्डे खोदकर लगातार उसके गांव का रास्ता बंद करती आई है।

उसने प्रधानमंत्री मुद्रा कोष से 25 लाख का लोन लेकर अपने गांव मे ईको टूरिज्म के तहत एक कैंप लगाया हुआ है। रास्ता बंद होने से उसका रोजगार ठप हो गया है। इसकी वजह से बैंक का लोन भी नहीं चुका पा रहा है।

ऐसे में उसके पास आत्मदाह के अलावा कोई और चारा नहीं है। उसका कहना है कि उसने अपनी समस्या से पौड़ी के नेताओं, सांसद और अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

 

आत्मदाह की बात पूछे जाने पर भदोला ने कहा कि उसने यह बात कुछ समय पहले थी, जिसके बाद पुलिस भी पहुंच गई थी। वहीं भदोला बुधवार को दून पहुंच तो पुलिस ने उससे पूछताछ की।

नेहरू कालोनी के एसओ राजेश शाह का कहना है कि पुलिस ने युवक को हिरासत में नहीं लिया है। वैसे ही उससे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने बताया कि वन मंत्री से मुलाकात करने के  बाद युवक वापस लौट गया है। दूसरी ओर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का कहना है कि अजय भदोला ने उनसे मुलाकात की थी। उसने अपनी समस्या बताई है।

वन मंत्री का कहना है कि पौड़ी के जिस क्षेत्र का रास्ता बंद होने की समस्या है वहां कामर्शियल एक्टिविटी  पर रोक है, जिसके चलते ये सब हुआ है। हालांकि, अधिकारियों को बता दिया गया है कि अगर गांव का पुश्तैनी रास्ता बंद किया गया है तो उसे किसी तरह हल निकाला जाए।

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