Wednesday , 15 August 2018

सरकार का जीरो टॉलरेन्स और FIR तक दर्ज नहीं, ग्रामीणों ने दिया धरना

Home / don't Miss / सरकार का जीरो टॉलरेन्स और FIR तक दर्ज नहीं, ग्रामीणों ने दिया धरना
fir
बाज़पुर- सूबे मे जीरो टॉलरेंस का दौर है बावजूद इसके युवक की संदिग्ध मौत की FIR लिखने को मित्र पुलिस तैयार नहीं है।
नतीजा ये है कि पुलिस के आनाकानी भरे रवैए को देखते हुए ग्रामीणों को धरना देना पड़ रहा है ताकि पुलिस प्राथमिकी दर्ज करे और संदिग्ध मौत की गुत्थी को सुलझाए।
गौरतलब है कि विक्रमपुर गांव के जिस हरप्रीत की मौत तकरीबन एक पखवाड़े पहले सरिया फैक्ट्री के परिसर में हुई उसकी मौत की वजह तलाशना तो छोडिए पुलिस FRI लिखने में आनाकानी कर रही हैं। जबकि परिजनो ने नामजद तहरीर पुलिस को सौंपी हुई है। ग्रामीण और मृतक के परिजनों के साथ युवा मौत से आहात संजीदा समाज समझ नहीं पा रहा है कि आखिर पुलिस FRI लिखने से हिचक क्यों रही है।
आपको बता दें कि इलाके कि सरिया फैक्ट्री में काम करने वाला 22 साल का सिक्ख युवक अमृत छका हुआ था वो तैरना भी जानता था। लिहाजा परिजनो समेत मृतक हरप्रीत को करीब से जानने वालों का कहना है कि न तो हरप्रीत नशेड़ी था और न वो डूब सकता था। जबकि हरप्रीत की लाश सरिया फैक्ट्री में बने टैंक से बरामद हुई। हरप्रीत सरिया फैक्ट्री में मैकेनिक का काम करता था।
मौत की वजह नशा या डूबना रहा हो परिजनों को इस पर कतई ऐतबार नहीं हैं। लिहाजा सभी को हरप्रीत की मौत संदिग्ध लग रही है। बताया जा रहा है कि परिजनों के इस भंरोसे को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नें भी पुख्ता किया। पीएम रिपोर्ट में हरप्रीत के पेट से सिर्फ 300 मिली लीटर पानी मिला। वहीं बताया जा रहा है कि 11 जनवरी को जब हरप्रीत की लाश को बाहर निकाला गया उस समय उसके एक हाथ मे मोबाइल और शरीर मे कुछ जले हुए के दाग दिखाई दे रहे थे।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सूबे मे ये कैसे जीरो टॉलरेंस का दौर है जिसमे संदिग्ध मौत जैसे मामले की तफ्तीश करवाने के लिए परिजनों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। FIR जैसी जरूरी चीज के लिए धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन हरकत में नहीं आता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *